
अमरावती.: विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल द्वारा शौर्य दिवस पर्व पर आयोजित शौर्य पथसंचलन, राष्ट्र सुरक्षा यज्ञ और त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम में 700 से अधिक युवकों ने धर्म रक्षणार्थ त्रिशूल धारण किया। त्रिशूल का उपयोग स्वार्थ में नहीं होंगा। जब जब धर्म पर प्रहार होगा, तब तब संतो के आह्वान पर ही यह त्रिशूल निकलेंगा। जिहादी तांडव को बर्दाश्त नहीं करना है। यह संदेश बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक विवेक कुलकर्णी ने उपस्थित दिक्षुकों को दिया।
कार्यक्रम की शूरवात विशाल शौर्य यात्रा से की गई। शहर के बालाजी प्लॉट से निकली शौर्य यात्रा ने राजापेठ, राजकमल, जयस्तंभ, जवाहर गेट, गांधी चौक, गोरक्षण समेत मुख्य मार्गो से गुजरी शौर्य यात्रा में बजरंग दल के 700 से अधिक गणवेश धारी कार्यकर्ता ड्रेस कोड में शौर्य संचलन करते नगर भ्रमण किया। भारत माता की जय, वंदे मातरम, छत्रपती शिवाजी महाराज, छत्रपती संभाजी महाराज, महाराणा प्रताप, जय श्री राम के नारे बुलंद करते निकली यात्रा जगह जगह फूल बरसाए गए। उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। पूर्ण अनुशासन से निकली इस शौर्य यात्रा में बजरंग दल के घोषवाक्य सेवा सुरक्षा संस्कार की झलक दिखी। बालाजी प्लॉट में कार्यक्रम का समारोपीय कार्यक्रम हुआ। राष्ट्र के लिए सदैव कर्तव्य निष्ठ रहने के संकल्प की आहुति राष्ट्र सुरक्षा यज्ञ में कार्यकर्ताओं दी। कार्यक्रम में बजरंग दल के प्रांत संयोजक नवीन जैन, उद्यमी चंद्रकुमार जाजोदिया, संत राजेशलाल मोरडिया, बजरंग दल के त्रिदेव डेंडवाल, बंटी पारवानी, आकाश पाली समेत विभिन्न मान्यवर उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचलन विजय खडसे नेर किया। प्रस्तावना बंटी पारवाणी ने की। अशीर्वचन संत राजेशलाल साहिब ने दिया।
Author: Z 24 News
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